जहर का स्वाद जानना पड़ा भारी: 5 सहेलियां, 4 मौतें, एक बची जिंदा

Ajay Gupta
Ajay Gupta

बिहार के Aurangabad district के एक गांव में पांच नाबालिग सहेलियों का जहर खाने का मामला सामने आया है। घटना 29 जनवरी की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा बाद में हुआ। 12 से 15 साल की उम्र के बीच की पांचों लड़कियां प्रवासी मजदूर परिवारों से थीं। जहर खाने के बाद चार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक लड़की ने समय रहते उसे थूक दिया और उसकी जान बच गई।

“जरा टेस्ट करके देखते हैं…”

जिंदा बची लड़की के मुताबिक, उनमें से एक ने खेत में ले जाकर एक दवाई दिखाई और कहा, “चलो इसका स्वाद चखते हैं।”

बताया जा रहा है कि वह दवाई बगुलों को मारने के लिए इस्तेमाल की जाती थी। पांचों ने पानी के साथ उसे निगल लिया। निगलते ही एक लड़की गिरकर बेहोश हो गई। यह देखकर एक लड़की ने दवाई थूक दी और वहीं से भागकर घर पहुंची।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

दाउदनगर के SDPO Ashok Kumar Das के अनुसार, जांच में एक अलग एंगल भी सामने आया है। घटना से एक दिन पहले लड़कियों को कुछ लड़कों के साथ देखा गया था। परिजनों ने डांटा, जिसके बाद कथित तौर पर वे नाराज थीं। हालांकि, परिजनों ने इस थ्योरी को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जाएगी।

एक ही चिता पर अंतिम संस्कार

चारों मृत लड़कियों का परिजनों ने एक ही चिता पर अंतिम संस्कार कर दिया। शुरू में मामला दबा दिया गया था, लेकिन गांव में चर्चा होने के बाद पुलिस तक बात पहुंची।

सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, समझ का भी

यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जागरूकता और संवाद की कमी को भी दिखाता है। जिज्ञासा अच्छी चीज है, लेकिन हर प्रयोग साइंस लैब में ही अच्छे लगते हैं। यह खबर सिर्फ सनसनी नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की गंभीर जरूरत को भी सामने लाती है।

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